Tuesday, 21 June 2011

यूपी में हाहाकार, हर दिन चार दुराचार

दैनिक जागरण का लेख देखे.

उत्तर प्रदेश में हालात पर सोचिये, चिंतन कीजिये और उत्थान की कोशिश कीजिये.
June 22, Wednesday , 2011

लखनऊ, जागरण टीम : सूबे में एक दिन में औसतन चार स्ति्रयां अपनी अस्मत गंवाती हैं, यह उत्तर प्रदेश के सरकारी आंकड़े बताते हैं, लेकिन वास्तविकता इतर है। तमाम मामले पुलिस तक नहीं पहुंच पाते। लोकलाज और सामाजिक तिरस्कार इसके प्रमुख कारण हैं ही, बलात्कार की शिकार महिला के साथ पुलिसिया बर्ताव भी उनके पांव रोकते हैं। कभी महिला थाना के जरिए तत्कालीन राच्यपाल मोतीलाल वोरा ने स्त्री अपराध के मामलों में त्वरित कार्रवाई का सपना देखा था, किंतु कालांतर में यह सपना चूर होता गया। ये थाना केवल भवन का रूप धरे रह गए। महिलाओं की चिंता गौण हो गई। पिछले तीन माह में महिला उत्पीड़न की वारदातों पर नजर डाली जाय तो हकीकत खुद ब खुद बयां हो जाती है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 15 मार्च से 15 जून तक दुराचार के कुल 21 मुकदमे दर्ज किए गए। इनमें पांच मामले दलित महिलाओं के भी हैं। मार्च से मई तक दलित महिलाओं से दुराचार की चार घटनाओं में शासन की ओर से पीडि़त महिलाओं को मुआवजा दिया गया। एक मामले में दोनों पक्षों के बीच आपसी रजामंदी से पीडि़त युवती व आरोपी युवक का विवाह हो गया। अलीगढ़ में 20 जून को एक दलित महिला ने सिपाही पर दुष्कर्म का आरोप लगाया है। पुलिस मामले को रफादफा करने में जुटी है। काफी हंगामे के बाद उसे डाक्टरी परीक्षण के लिए भेजा गया है। इसके अतिरिक्त जिले में पिछले तीन महीने में दुष्कर्म की 14 घटनाएं हुई हैं। इनमें तीन महिलाएं दलित हैं। बाराबंकी में मार्च से 15 जून तक 10 महिलाओं के साथ दुराचार के अलावा 16 के साथ छेड़खानी की घटनाएं दर्ज की गई। फैजाबाद में नौ मामले दर्ज किए गए। इनमें से दुराचार पीडि़ता एक बालिका बिन ब्याही मां बन गई, जबकि एक अन्य के गर्भवती होने पर हत्या कर दी गई। सुल्तानपुर में तीन माह के भीतर दुराचार के आठ मामले पुलिस रिकार्ड में दर्ज किए गए, जिनमें तीन दलित बालिकाएं के मामले भी शामिल हैं। अंबेडकरनगर जिले में बलात्कार की पांच घटनाओं में मुकदमा दर्ज हुआ। लखीमपुर खीरी में भी तीन माह के भीतर पांच महिलाओं के साथ बलात्कार की घटनाएं हुई हैं। निघासन का बहुचर्चित सोनम हत्याकांड शामिल नहीं है। गोंडा में दुराचार के चार मुकदमे दर्ज हुए हैं। श्रावस्ती में मार्च से लेकर 15 जून तक बलात्कार की दो घटनाओं की रिपोर्ट दर्ज की गई है। सीतापुर में तीन माह में दुराचार की एक घटना हुई। 20 जून को एक दस वर्षीय बालिका के साथ दुराचार के बाद हत्या कर दी गई। बलरामपुर में भी एक महिला के साथ दुराचार का मामला दर्ज किया गया। वाराणसी बलात्कार के दो मामले सामने आये, जिसमें से एक में अभी दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई है। आजमगढ़ में दो मामले दर्ज हुए हैं, जिसमें से एक में महिला को जला कर मारने की कोशिश की भी की गई। बलिया में सुखपुरा थाना क्षेत्र के बिलारी गांव में सात अप्रैल की शाम एक युवती के साथ तीन युवकों ने सामूहिक दुराचार किया और उसके बाद दरिंदों ने उसे कोठरी में बंद कर आग के हवाले कर दिया। गाजीपुर में तीन मामले दर्ज हुए। भदोही जिले में तीन माह के अंदर औराई व भदोही थाना क्षेत्र में दो घटनाएं हुई। मऊ में दो मामले दर्ज हुए, जिसमें से एक की हत्या भी दरिंदों ने कर दी। सोनभद्र में तीन माह में दुष्कर्म के चार मामले दर्ज हुए हैं। इसमें जांच के दौरान एक मामला गलत पाया गया। इलाहाबाद में तीन माह में बलात्कार के आठ मामले हुए है। इनमें से दो की दुराचार के बाद हत्या कर दी गई। कौशाम्बी जिले में तीन माह के अंदर दुराचार की आधा दर्जन से अधिक घटनाएं हो चुकी हैं। प्रतापगढ़ जिले में बीते तीन माह के दौरान बलात्कार के तीन मामले दर्ज किए गए। आगरा के खंदौली थानान्तर्गत सैमरा गांव से 17 अप्रैल को सात साल की मुस्कान को अगवा कर दुराचार करने के बाद हत्या कर दी। दो और बच्चियां दरिंदों की हवस की शिकार बनीं। एटा में तीन मामले प्रकाश में आये, जिसमें एक की हत्या कर दी गई। फर्रुखाबाद में तीन माह में दुष्कर्म की छह व छेड़छाड़ की 14 घटनाओं के मामले दर्ज किए गये हैं। बरेली जिले में पिछले तीन माह में दुष्कर्म की सात घटनाएं सामने आई। पुलिस ने इनमें से चार घटनाओं के झूठे होने का दावा किया। शाहजहांपुर जिले इस अवधि में दुष्कर्म के नौ मामले सामने आए। पीलीभीत में 17 मामले दर्ज हुए। उन्नाव में 17 महिलाएं दुष्कर्म का शिकार बनीं। यह बात दीगर है कि पुलिस अभिलेखों में बलात्कार की मात्र नौ रिपोर्ट दर्ज हैं। कन्नौज में 28 मुकदमे बलात्कार, लज्जाभंग और महिला उत्पीड़न के दर्ज किए गए हैं। इसमें करीब 91 आरोपी बनाए गए थे। उधर, सरकारी अभिलेखों के अनुसार पिछले तीन माह में कुल चार बलात्कार और छह छेड़खानी की घटनाएं ही दर्ज की गई हैं। फतेहपुर में दुष्कर्म की करीब दर्जनभर वारदातें हुईं। हमीरपुर में दुराचार की दो घटनाएं हुई हैं, जिसके आरोपी गिरफ्तार कर जेल भेजे जा चुके हैं। उधर, दुराचार के प्रयास के तीन मामले पुलिस रिकार्ड में है। हरदोई में मई में बलात्कार की दो और शील भंग की पांच, अप्रैल में बलात्कार की एक और शील भंग की चार व मार्च में शील भंग की आठ घटनाएं हुईं। जालौन में बलात्कार के छह मामले सामने आ चुके हैं। तीन माह में कानपुर में दुष्कर्म की 11 घटनाएं हुईं। इनकी रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार भी कर रही है। मुरादाबाद मंडल के तीन जिलों मुरादाबाद, जेपीनगर और रामपुर में पिछले तीन माह में दुष्कर्म की 16 वारदात सामने आईं। रमाबाई नगर में पुलिस रिकार्ड के अनुसार एक जनवरी से 15 जून तक बलात्कार के 11 मुकदमे दर्ज किये गये, जबकि छेड़छाड़ व दुष्कर्म के प्रयास के 13 मामले दर्ज हैं। गोरखपुर-बस्ती मंडल में तीन माह में 36 बलात्कार के मामले दर्ज हुए। सर्वाधिक 10 मामले देवरिया में, गोरखपुर में 9, महराजगंज में 6, संत कबीर नगर में 7 बलात्कार की घटना हुई

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